Saturday, September 22, 2012

राजनीतिक अराजकता

कुछ कथनी कुछ करनी का है ये फेरा
राजनीति में आज पड़ा है नासमझों का डेरा
कोयले की दलाली में किये इन्होने हाथ काले
इंधन का भाव बढ़ा, पड़ गए खाने के लाले

फिर हुई कुछ इस प्रकार की हलचल 
दीदी ममता तक गई मचल
त्याग मोह सत्ता का, किया ऐसा फेरबदल
की मुलायम ने सरकार के लिए ध्वनि करतल

उधर विपक्ष ने भी मचाया बड़ा बवाल
कर भारत बंद का आह्वान किया प्रग्रती को बदहाल
मचाया शोर और बनाया वित्त प्रबंधन का जंजाल
फिर भी कर नहीं पाए वो कोई बड़ा कमाल

प्रधान मंत्री कह गए नहीं उगता पैसा पेड़ो पर
विपक्ष ने लगा दिया कुप्रभंधन का आरोप उनपर
सुर बदल बदल हर एक राज नेता फिर बोला
शिंदे महोदय ने भी अपना मुंह खोला

कह गए बड़े और बूढ़े हमको समझाने को
जो कुछ बोलो सोचा समझा बोलो
कोई ये बात समझाओ इन राजनेताओं को
देश हित में चुप थोडा रहना सीखो अरे ओ बड़बोलों||

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